54. Infanterie-Brigade (4.kgl.württemb.)

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Formationsgeschichte: 1806-1914 | Norddeutscher Bund | 1914-1918 Portal:Militär Brigaden: 1806-1914 | 1914-1918

54. Infanterie-Brigade
54. (4. Königlich Württembergische) Infanterie-Brigade
1817 errichtet als 4. Königlich Württembergische Infanterie-Brigade
Kontingentverband des Kgl. Württemb. Militärs.
Die Brigade war eine Kommandobehörde des Deutschen Reiches.
Sie war normalerweise die Führungsebene zwischen Division und Regiment. Der Kommandeur war ein General. Der Brigade waren entsprechend der Truppengattung eine bis mehrere Regimenter oder Bataillone unterstellt. Sie besaß keine Brigadetruppen, vergleichbar den Korpstruppen der Armeekorps.
Es gab Infanterie-, Kavallerie-, Artillerie- und gemischte Brigaden. Manche Brigaden waren zeitweise auch direkt den oberhalb der Division befindlichen Kommandobehörden (Armeekorps, Armee, Heeresgruppe) unterstellt. Im Verlaufe des Krieges wurde die Zusammensetzung und teilweise auch die Aufgabe der Brigaden geändert. So wurden den Infanterie-Brigaden drei statt zwei Regimenter zugeordnet. Die meisten Divisionen hatten danach dann keine zwei Infanterie-Brigaden unterstellt, sondern nur noch eine. Die Artillerie-Brigaden wurden zu Artillerie-Kommandeuren (Arko) umfunktioniert.

Inhaltsverzeichnis

Sitz

1817 bis 1849 und ab 1871 Ulm an der Donau.

Gliederung

Übergeordnete Einheiten


Untergeordnete Einheiten

ab 1817:

ab 1835:

ab 1845:

ab 1871:

1872

Landwehr-Bezirks-Eintheilung
für
das Königreich Württemberg
[1]
Landwehr- Oberamtsbezirke
Regiment Bataillon
2. Württemberisches Nr. 120 1. (Ravenbsurg) Riedlingen.
Saulgau.
Ravensburg.
Tettnang
2. (Bieberach). Bieberach.
Waldsee.
Leutkirch.
Wangen.
8. Württembergisches Nr. 126 1. (Ehingen). Blaubeuren.
Münsingen.
Ehingen.
Laupheim.
2. (Eßlingen). Kirchheim.
Nürtingen.
Eßlingen.
Urach.

ab 1897:

1914 (vor Kriegsausbruch):


Kriegsgliederung am 02.08.1914 [2]


Kriegsgliederumg am 02.05.1918 [2]

Formationsgeschichte

  • 31. März 1817 - 22.04.1817 [2]: Errichtung der 4. Infanterie-Brigade in Ulm an der Donau.
  • 27. Juli 1849: Die Brigade wird im Rahmen der Zusammenlegung aller Infanterie-Brigaden zu einer Division aufgelöst.
  • Ø
  • 22. November 1871: Wiedereinrichtung der 4. Infanterie-Brigade in Ulm an der Donau, das Kommando wird vorerst dem Kommandeur der 3. Infanterie-Brigade mit übertragen.
  • 18. Dezember 1871 [2]: Umbenennung in „54. Infanterie-Brigade (4. Königlich Württembergische)“, und dem Kommando der 53. Infanterie-Brigade unterstellt.
  • 04.03.1872 [2]: Aufstellung des Stabes.
  • 4. März 1873: Aufstellung des Brigadestabes.
  • Aug. 1914 [3] : Die Brigade stellte das Brigade Ersatz Bataillon 54 auf.
  • 01.02.1917: Die Brigade wurde in 242. Infanterie-Brigade umbenannt.

Standorte

  • 1817 - 1849 [2]: Ulm
  • Ø
  • 1872 - 1919 [2]: Ulm

Kantone

Feldzüge, Gefechte usw.

Erster Weltkrieg

Siehe die Gefechtskalender der übergeordneten Einheiten.

Brigadekommandeure [2]

4. Kgl. Württembergische Infanterie-Brigade

  • ab 1817: Generalmajor Fürst Karl von Hohenlohe-Kirchberg.
  • ab 1819: Generalmajor Christian Friedrich von Hypeden.
  • ab 1830: Generalmajor Karl Graf von der Lippe-Bisterfeld-Falkenflucht.
  • ab 1837: Generalmajor Eugen Heinrich Georg von Klinkowström.
  • ab 1841: Generalmajor Matthias Ludwig Freiherr von Valois.
  • ab 1842: Generalmajor Ernst von Meisrimmel von Weissenau.

54. Infanterie-Brigade (4. Kgl. Württ.)

  • 04.03.1872: Oberst Ludwig von Mauch (1873 Generalmajor).
  • 01.02.1873: Oberst Friedrich von Triebig (1875 Generalmajor).
  • 09.02.1878: Generalmajor Friedrich Freiherr Pergler von Perglas.
  • 18.06.1879: Generalmajor Gustav von Brandenstein.
  • ab 1881: Oberst Ernst Freiherr Pergler von Perglas.
  • 14.06.1883: Generalmajor Gustav von Steinheil.
  • 04.08.1883: Oberst Wilhelm von Woelckern (1884 Generalmajor).
  • 18.08.1887: Oberst Otto von Clausen (1888 Generalmajor).
  • 25.06.1889: Generalmajor Theodor von Sproeßer.
  • 24.07.1890: Generalmajor Wilhelm Freiherr Seutter von Lötzen.
  • 24.14.1891: Kgl. Preuß. Generalmajor Viktor von Mikusch-Buchberg.
  • 01.12.1892: Kgl. Preuß. Hans Alexander Oberst von Monbart (1893 Generalmajor).
  • 02.03.1895: Generalmajor Reinhard von Fischer.
  • 25.11.1898: Kgl. Preuß. Generalmajor Arthur von Brietzke.
  • 16.11.1899: Kgl. Preuß. Oberst Julius Freiherr von Salmuth (1900 Generalmajor).
  • 22.03.1903: Generalmajor Karl von Reinhardt.
  • 14.03.1905: Generalmajor Eugen Otto Freiherr von Hügel.
  • 18.08.1908: Generalmajor Friedrich von Gerok (1911 Generalleutnant).
  • 22.03.1912: Generalmajor Friedrich von Auwärter.
  • 22.04.1914: Felix Langer
  • 21.04.1916: Otto Haas
  • 20.07.1915 - 31.01.1917: Oberst Eugen Glück

242. Infanterie-Birgade

  • 01.02.1917: Oberst Eugen Glück
  • 16.03.1918: Oberst Heinrich von Hoff
  • 11.10.1918: Oberst Oskar Nick
  • 19.12.1918: Eugen Glück

Kommandeure stellv. Birgade

  • 02.08.1914: Karl von Muff
  • 24.09.1914: Rudolf von Berger
  • 23.04.1915: Theodor von Seible
  • 23.03.1917: Wilhelm Jetter
  • 22.11.1917: Wilhelm Freiherr von Brand
  • 1918: Georg von Körbling

Literatur

„Militär-Handbuch des Königreiches Württemberg“

Große Ausgabe (nach dem Stande vom 6. Mai 1913)

Herausgegeben vom Kriegsministerium

Druckerei des Königlichen Kriegsministeriums, Stuttgart 1913

Weblinks

Einzelnachweise

  1. KM 05.01.1872 Landwehr-Bezirks-Eintheilung für das Königreich Württemberg
  2. 2,0 2,1 2,2 2,3 2,4 2,5 2,6 2,7 Wegner, Stellenbesetzung der Deutschen Heere 1815 - 1939
  3. Cron, Die Geschichte des deutschen Heeres im Weltkriege 1914 - 1918
Infanterie-Brigaden bis 1914
Brigaden 1806-1914 | Formationsgeschichte 1806-1914 -- Portal:Militär -- Formationsgeschichte 1914-1918 | Brigaden 1914-1918
(S)=kgl.Sächs. -|- (W)=kgl.Württemb. -|- (M)=grhzgl.Mecklenb. -|- (H)=grhzgl.Hess. -|- andere=kgl.Preuß.

Garde: 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | Brigaden: 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. | 7. | 8. | 9. | 10. | 11. | 12. | 13. | 14. | 15. | 16. | 17. | 18. | 19. | 20. | 21. | 22. | 23. | 24. | 25. | 26. | 27. | 28. | 29. | 30. | 31. | 32. | 33. | 34.(M) | 35. | 36. | 37. | 38. | 39. | 40. | 41. | 42. | 43. | 44. | 45.(S) | 46.(S) | 47.(S) | 48.(S) | 49.(H) | 50.(H) | 51.(W) | 52.(W) | 53.(W) | 54.(W) | 55.(B) | 56. | 57.(B) | 58. | 59. | 60. | 61. | 62. | 63.(S) | 64.(S) | 65. | 66. | 67. | 68. | 69. | 70. | 71. | 72. | 73. | 74. | 75. | 76. | 77. | 78. | 79. | 80. | 81. | 82. | 83. | 84. | 85. | 86. | 87. | 88.(S) | 89.(S) | Kgl. Bayer.: 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. | 7. | 8. | 9 | 10. | 11. | 12. |


Landwehr-Brigaden (1820 - 1852): 1. G | 2. G | 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. | 7. | 8. | 9. | 10. | 11. | 12. | 13. | 14. | 15. | 16. |

zusätzliche Infanterie-Brigaden Erster Weltkrieg

Brigaden: G 6. | - | 100. | - | 104. | - | 108. | - | 112. | - | 116.(S) | - | 165. | 166. | 167. | 168. | - | 171. | 172. | 173. | 174. | - | 176. | 177. | 178. | 179. | 180. | 181. | - | 183. | - | 185. | - | 187. | - | 192. | - | 201. | - | 205. | - | 209. | 210. | 211. | 213. | 214. | 215. | 216. | - | 221. | - | 225. | - | 229. | - | 231. | 232. | 233. | 234. | 235. | 236. | 237. | 238. | 239. | 240. | 241. | 242. | 243. | 244. | 245.(S) | 246. | 247. | - | 401. | 402. | 403. | 404. | 405. | 406. | 407.(W) | 408. | - | 415. | - | 501. | 502. | 503. | - | 505. | 506. | 507. | 508. | 509. | 510. | 511. | 512. | 513. | Kgl. Bayer.: 20. | 21. | 22. | 23. |


Reserve-Brigaden: G 1. | - | 1. | - | 5. | 6. | - | 9. | 10. | 11. | 12. | 13. | 14. | 15. | - | 17. | 18. | 19. | - | 21. | 22. | 23. | - | 25. | 26. | 27. | 28. | 29. | 30. | 31. | 32. | 33. | 34. | 35. | - | 37. | 38. | 39. | - | 41. | 42. | 43. | 44. | 45. (S) | 46. (S) | 47. (S) | 48. (S) | 49. | 50. | 51. | 52. | - | 55. | 56. | - | 60. | 61. | - | 66. | - | 69. | 70. | - | 72. | - | 75. | 76. | 77. | 78. | 79. | 80. | 81. | 82. | - | 85. | 86. | 87. | 88. | 89. | 90. | 91. | 92. | 93. | 94. | 95. | 96. | 97. | 98. | 99. | 100. | 101. | 102. | 103. | 104. | 105. | 106. | 107. | 108. | Kgl. Bayer.: 1. | 2. | 3. | - | 5. | - | 9. | 10. | 11. | 12. | - | 14. | 15. | 16. | 17.


Landwehr-Brigaden: 1. | 2. | - | 4. | 5. | 6. | - | 9. | 10. | 11. | - | 13. | 14. | - | 17. | 18. | 19. | 20. | 21. | 22. | 23. | - | 25. | 26. | 27. | 28. | 29. | 30. | 31. | - | 33. | 34. | - | 37. | 38. | - | 41. | 42. | 43. | 44. | 45. | 46. | 47. | - | 49. | - | 51. | 52. | 53. | 54. | 55. | 56. | 57. | - | 59. | 60. | 61. | 62. | - | 70. | - | 76. | - | 82. | - | 84. | - | 169. | 170. | - | 175. | - | 182. | Kgl. Bayer.: 1. | 2. | - | 5. | - | 9. | - | 13. | 14. |


Ersatz-Brigaden: (1.)G | - | Res.1. | Ldw.1. | Res.2. | - | 5. | - | 9. | - | 12. | 13. | - | 17. | - | 21. | - | 25. | - | 29. | - | 33. | - | 37. | - | 41. | - | 43. | - | 45. | - | 47. | - | 51. | - | 55. | - | 59. | - | Res.109. | Res.110. | - | KB 1. | - | KB 5. | - | KB 9. |


Jäger-Brigaden: 2 | - | KB 1. | - | Landsturm-Brigaden: 1.(alt) 1.(neu) | - | Marine-Brigaden: Inf. | 1. | 2. | 3. | 4. | - | sonstige bezeichnete Brigaden

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